दरभंगा, बिहार में शराब जब्ती: अवैध शराब तस्करी की बढ़ती समस्या और कानून व्यवस्था पर सवाल

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दरभंगा, बिहार में हाल ही में हुई शराब जब्ती की घटना ने राज्य में अवैध शराब तस्करी की बढ़ती समस्या को एक बार फिर उजागर किया है। पुलिस और सीआईडी टीम ने सिलीगुड़ी से कुशेश्वरस्थान आने वाली एक बस से 114 कार्टन शराब जब्त की, जिसमें विदेशी शराब और बीयर की बड़ी मात्रा शामिल थी। इस घटना में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें बस चालक, कंडक्टर, और अन्य संदिग्ध तस्कर शामिल हैं।  यह घटना बिहार के उन कानूनों की विफलता को उजागर करती है जो राज्य में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद भी शराब तस्करी को रोकने में असफल हो रहे हैं। बिहार में शराबबंदी लागू है, लेकिन इस प्रकार की घटनाएं दिखाती हैं कि अवैध शराब का कारोबार अभी भी फल-फूल रहा है।  घटना का मुख्य कारण अवैध शराब की बढ़ती मांग और इसकी तस्करी में शामिल गिरोहों का सक्रिय होना है। इस बस में शराब को आइसक्रीम बनाने के सामान के तौर पर छिपाया गया था, ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके। पुलिस और सीआईडी की इस कार्रवाई ने तस्करों के इस प्रयास को नाकाम कर दिया, लेकिन यह एक बड़ा सवाल खड़ा करता है कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए और क्या कदम...

फ्यूचर एंड ऑप्शन ट्रेडिंग में निवेशकों के डूबे ₹60,000 करोड़: सेबी चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच की प्रतिक्रिया


शेयर बाजार के नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच ने फ्यूचर एंड ऑप्शन (एफएंडओ) ट्रेडिंग के जोखिम को लेकर एक बार फिर अपनी गहरी चिंता जाहिर की है। हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, एफएंडओ ट्रेडिंग में निवेश करने वाले भारतीय परिवारों को साल भर में लगभग 60,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। 


एफएंडओ ट्रेडिंग: एक जोखिमपूर्ण खेल

फ्यूचर एंड ऑप्शन (एफएंडओ) ट्रेडिंग एक ऐसा वित्तीय उपकरण है, जो निवेशकों को भविष्य की किसी निश्चित तारीख पर किसी परिसंपत्ति को खरीदने या बेचने का अधिकार देता है। यह एक प्रकार का डेरिवेटिव है, जो अपने अंतर्निहित परिसंपत्ति की कीमत में परिवर्तन के आधार पर मूल्यवान होता है। हालांकि, यह निवेशक के लिए अधिक जोखिमपूर्ण हो सकता है, खासकर जब वे इसकी जटिलताओं और संभावित नुकसान को पूरी तरह से समझ नहीं पाते हैं।


सेबी चेयरपर्सन की चिंता

सेबी चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच ने पीटीआई को दिए गए एक इंटरव्यू में कहा, "अगर एफएंडओ कैटेगरी में हर साल 50,000-60,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है तो यह व्यापक मुद्दा क्यों नहीं है? यह राशि आने वाले आईपीओ, म्यूचुअल फंड या अन्य उत्पादक उद्देश्यों के लिए लगाई जा सकती थी।" 


बुच ने यह भी कहा कि शेयर बाजारों को एफएंडओ कम होने पर शुल्क कम मिल सकता है, लेकिन लंबी अवधि में यह सभी हितधारकों के लिए फायदेमंद ही होगा। उनका मानना है कि एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) निवेशकों के लिए जोखिम से भरी डेरिवेटिव गतिविधि का विकल्प नहीं हो सकते हैं क्योंकि इनकी तरलता और लाभ बहुत अलग है।


सेबी की एडवाइजरी और रिपोर्ट

सेबी की एक अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक, 90 प्रतिशत डील घाटे में रहती हैं। पूंजी बाजार नियामक ने एक एडवाइजरी भी जारी किया, जिसमें इस गतिविधि को सीमित करने के तरीके सुझाए गए हैं। बुच ने कहा कि भले ही शेयर बाजारों को एफएंडओ कम होने पर शुल्क कम मिल सकता है, लेकिन लंबी अवधि में यह सभी हितधारकों के लिए फायदेमंद ही होगा। 


बैंक ग्राहकों की तरह केवाईसी सत्यापन

सेबी प्रमुख ने म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए बैंक ग्राहकों के समान केवाईसी सत्यापन का उपयोग करने की संभावना को खारिज करते हुए कहा कि सेबी प्रतिभूति बाजार में पेटीएम जैसी गड़बड़ी की अनुमति नहीं देगा। पेटीएम के हालिया कुप्रबंधन पर बुच ने कहा, "हम अपने बाजार में पेटीएम जैसी गड़बड़ी की अनुमति नहीं देंगे। हम सभी ने देखा कि पेटीएम में क्या हुआ था। बैंकिंग में कोई KRA तरह की प्रणाली नहीं है और Paytm जैसी समस्या पेटीएम में रहती है, यह अन्य बैंकों को दूषित नहीं करता है। अगर हम Paytm को बिना KRA के अपने सिस्टम में आने की अनुमति देते हैं तो यह पूरे सिस्टम को दूषित कर सकता है।"


पेटीएम का मामला

पेटीएम पेमेंट्स बैंक में लगातार गैर-अनुपालन पाए जाने के बाद रिजर्व बैंक ने इस साल की शुरुआत में पेटीएम पेमेंट्स बैंक को अपनी अधिकांश व्यावसायिक गतिविधियों को रोकने का आदेश दिया था। पेटीएम के इस गैर-अनुपालन के मामले ने वित्तीय बाजारों में एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया और इसे एक चेतावनी के रूप में देखा गया कि कैसे किसी एक कंपनी की लापरवाही पूरे वित्तीय प्रणाली को प्रभावित कर सकती है।


निवेशकों के लिए चेतावनी

सेबी की चेयरपर्सन ने एफएंडओ ट्रेडिंग के जोखिमों के बारे में निवेशकों को आगाह किया है। उन्होंने कहा कि निवेशकों को एफएंडओ जैसे उच्च जोखिम वाले निवेश उपकरणों में अपने पैसे लगाने से पहले पूरी तरह से उनकी समझ और संभावित जोखिमों का आकलन करना चाहिए। 


एफएंडओ ट्रेडिंग का भविष्य

एफएंडओ ट्रेडिंग का भविष्य अब भी अनिश्चित है। सेबी की सख्त नीतियों और सलाह के बावजूद, यह देखा जाना बाकी है कि निवेशक इस पर कैसे प्रतिक्रिया देंगे। निवेशकों के लिए यह आवश्यक है कि वे अपने निवेश के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करें और केवल उन्हीं उपकरणों में निवेश करें जिन्हें वे पूरी तरह से समझते हैं।


फ्यूचर एंड ऑप्शन ट्रेडिंग में निवेशकों के लिए जोखिम बहुत अधिक हैं और उन्हें इस बारे में पूरी तरह से जागरूक होना चाहिए। सेबी चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच की चेतावनी और सलाह को ध्यान में रखते हुए, निवेशकों को अपने निवेश निर्णयों में सतर्क रहना चाहिए और उच्च जोखिम वाले उपकरणों से बचना चाहिए।



फ्यूचर एंड ऑप्शन ट्रेडिंग में निवेशकों के लिए भारी नुकसान हो सकता है, जैसा कि सेबी चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच ने चेताया है। निवेशकों को इस प्रकार के उच्च जोखिम वाले निवेश से बचना चाहिए और केवल उन्हीं वित्तीय उपकरणों में निवेश करना चाहिए जिन्हें वे पूरी तरह से समझते हैं। सेबी की सख्त नीतियों और सलाह के बावजूद, निवेशकों की जिम्मेदारी है कि वे अपने निवेश के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करें और सतर्क रहें।

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