दरभंगा, बिहार में शराब जब्ती: अवैध शराब तस्करी की बढ़ती समस्या और कानून व्यवस्था पर सवाल

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दरभंगा, बिहार में हाल ही में हुई शराब जब्ती की घटना ने राज्य में अवैध शराब तस्करी की बढ़ती समस्या को एक बार फिर उजागर किया है। पुलिस और सीआईडी टीम ने सिलीगुड़ी से कुशेश्वरस्थान आने वाली एक बस से 114 कार्टन शराब जब्त की, जिसमें विदेशी शराब और बीयर की बड़ी मात्रा शामिल थी। इस घटना में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें बस चालक, कंडक्टर, और अन्य संदिग्ध तस्कर शामिल हैं।  यह घटना बिहार के उन कानूनों की विफलता को उजागर करती है जो राज्य में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद भी शराब तस्करी को रोकने में असफल हो रहे हैं। बिहार में शराबबंदी लागू है, लेकिन इस प्रकार की घटनाएं दिखाती हैं कि अवैध शराब का कारोबार अभी भी फल-फूल रहा है।  घटना का मुख्य कारण अवैध शराब की बढ़ती मांग और इसकी तस्करी में शामिल गिरोहों का सक्रिय होना है। इस बस में शराब को आइसक्रीम बनाने के सामान के तौर पर छिपाया गया था, ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके। पुलिस और सीआईडी की इस कार्रवाई ने तस्करों के इस प्रयास को नाकाम कर दिया, लेकिन यह एक बड़ा सवाल खड़ा करता है कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए और क्या कदम...

मुंबई के प्रसिद्ध बादेमिया रेस्टोरेंट को 12 लाख रुपये का चूना, आरोपी ने खुद को सांसद का सहायक बताया


मुंबई: मुंबई के प्रसिद्ध 78 वर्षीय बादेमिया रेस्टोरेंट के मालिक ने हाल ही में एक धोखाधड़ी के मामले में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें एक व्यक्ति ने खुद को शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत का सहायक बताकर रेस्टोरेंट से 12.27 लाख रुपये की ठगी की। आरोपी ने न केवल भारी मात्रा में खाना ऑर्डर किया, बल्कि खुद को सांसद का करीबी बताकर रेस्टोरेंट के मालिक की बेटी को एक कानून कॉलेज में सीट दिलाने का भी झूठा आश्वासन दिया।


घटना की पृष्ठभूमि


घटना जुलाई 2024 से शुरू होती है, जब एक व्यक्ति ने खुद को अरविंद सावंत का सहायक बताकर बादेमिया रेस्टोरेंट से कई बार खाना ऑर्डर किया। उसने रेस्टोरेंट से बिरयानी और गुलाब जामुन सहित कई प्रकार के व्यंजन बिना भुगतान किए ऑर्डर किए। हर बार जब रेस्टोरेंट मालिक ने पैसे की मांग की, तो आरोपी ने आश्वासन दिया कि सांसद बाद में भुगतान कर देंगे। मालिक ने पहले भी सांसद के लिए खाना ऑर्डर किया था और पैसे बाद में प्राप्त किए थे, इसीलिए उन्होंने आरोपी पर विश्वास कर लिया।


धोखाधड़ी की योजना


आरोपी ने केवल खाने के ऑर्डर तक ही सीमित नहीं रहा। उसने रेस्टोरेंट मालिक, जमाल मोहम्मद यासीन शेख से संपर्क किया और दावा किया कि वह उसकी बेटी को चर्चगेट में स्थित एक कानून कॉलेज में एडमिशन दिला सकता है। इसके बदले, आरोपी ने पहले 3 लाख रुपये की दान राशि ली और फिर कुल 9.27 लाख रुपये कॉलेज फीस और ट्रस्ट को देने के नाम पर मांगे। आरोपी ने पैसे कुछ हिस्से में यूपीआई के माध्यम से और बाकी नकद में लिए।


आरोपी की पहचान और पुलिस कार्रवाई


आरोपी की पहचान सुराज के नाम से हुई है। उसने पहले 200 प्लेट बिरयानी और गुलाब जामुन का ऑर्डर दिया और फिर इसके बाद 40 प्लेट और मांगी। जब रेस्टोरेंट मालिक ने पैसे की मांग की, तो आरोपी ने आश्वासन दिया कि सावंत बाद में भुगतान करेंगे। मालिक ने पहले के अनुभव के आधार पर इस पर विश्वास किया और खाना भेज दिया। लेकिन जब पैसे का भुगतान नहीं किया गया और आरोपी ने बेटी के कॉलेज एडमिशन के नाम पर और पैसे मांगे, तो मालिक को शक हुआ।


आखिरकार, शेख ने पुलिस से संपर्क किया और पूरी घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आईपीसी की धारा 204, 316 (2), और 318 (4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने पैसे निकासी के लिए कुछ स्थानों पर छिपे हुए स्थानों का उपयोग किया और पैसे का आदान-प्रदान किया।


पुलिस की जांच और भविष्य की कार्रवाई


पुलिस के अनुसार, आरोपी की खोजबीन जारी है और उसे जल्द ही गिरफ्तार करने की उम्मीद है। पुलिस ने सभी संभावित सबूतों को एकत्र करने और मामले की पूरी जांच करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस धोखाधड़ी के खुलासे ने रेस्टोरेंट मालिक और स्थानीय व्यापारियों के बीच में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। 


सारांश


यह मामला दिखाता है कि किस प्रकार धोखाधड़ी करने वाले लोग प्रतिष्ठित व्यक्तियों की पहचान का दुरुपयोग कर सकते हैं। बademiya रेस्टोरेंट की घटना ने न केवल एक प्रतिष्ठित रेस्टोरेंट को वित्तीय नुकसान पहुंचाया है, बल्कि स्थानीय व्यापारियों के लिए एक चेतावनी भी पेश की है। उम्मीद की जाती है कि पुलिस जल्द ही आरोपी को पकड़ लेगी और पीड़ित को न्याय मिलेगा। 



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