दरभंगा, बिहार में शराब जब्ती: अवैध शराब तस्करी की बढ़ती समस्या और कानून व्यवस्था पर सवाल

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दरभंगा, बिहार में हाल ही में हुई शराब जब्ती की घटना ने राज्य में अवैध शराब तस्करी की बढ़ती समस्या को एक बार फिर उजागर किया है। पुलिस और सीआईडी टीम ने सिलीगुड़ी से कुशेश्वरस्थान आने वाली एक बस से 114 कार्टन शराब जब्त की, जिसमें विदेशी शराब और बीयर की बड़ी मात्रा शामिल थी। इस घटना में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें बस चालक, कंडक्टर, और अन्य संदिग्ध तस्कर शामिल हैं।  यह घटना बिहार के उन कानूनों की विफलता को उजागर करती है जो राज्य में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद भी शराब तस्करी को रोकने में असफल हो रहे हैं। बिहार में शराबबंदी लागू है, लेकिन इस प्रकार की घटनाएं दिखाती हैं कि अवैध शराब का कारोबार अभी भी फल-फूल रहा है।  घटना का मुख्य कारण अवैध शराब की बढ़ती मांग और इसकी तस्करी में शामिल गिरोहों का सक्रिय होना है। इस बस में शराब को आइसक्रीम बनाने के सामान के तौर पर छिपाया गया था, ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके। पुलिस और सीआईडी की इस कार्रवाई ने तस्करों के इस प्रयास को नाकाम कर दिया, लेकिन यह एक बड़ा सवाल खड़ा करता है कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए और क्या कदम...

पटना में अतिक्रमण विरोधी अभियान: 13 अगस्त तक चलेगा बुलडोजर


पटना में प्रमंडलीय आयुक्त के निर्देश पर 13 अगस्त तक अतिक्रमण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य शहर की मुख्य सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाना है, जिससे आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और यातायात सुगम बना रहे।


अभियान की शुरुआत


प्रमंडलीय आयुक्त कुमार रवि ने इस अभियान की शुरुआत की है, जिसमें पटना के डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह और एसएसपी राजीव मिश्रा की भूमिका महत्वपूर्ण है। इन अधिकारियों ने पांच टीमों का गठन किया है जो अलग-अलग इलाकों में अतिक्रमण हटाने का कार्य करेंगी।


प्रमुख सड़कों का चयन


इस अभियान में अटल पथ, जेपी गंगा पथ, बेली रोड, और बाइपास जैसी प्रमुख सड़कों को शामिल किया गया है। इन सड़कों पर अतिक्रमण से यातायात बाधित होता है और जनता को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए, इन सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है।


जुर्माने का प्रावधान


अभियान के दौरान अस्थायी अतिक्रमण पर पांच हजार रुपए और स्थायी अतिक्रमण पर 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही, दुबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी और उनके सामान को जब्त किया जाएगा। यह जुर्माना और सख्ती इसलिए की जा रही है ताकि लोग दुबारा अतिक्रमण करने से बचें और शहर को साफ-सुथरा रखा जा सके।


नगर निकायों की भूमिका


यह अभियान पटना नगर निगम के चार अंचलों - नूतन राजधानी अंचल, पाटलिपुत्र, बांकीपुर और कंकड़बाग अंचल - और नगर परिषद दानापुर निजामत में चलाया जाएगा। नगर निकायों से कार्यपालक पदाधिकारी, नगर प्रबंधक, मुख्य सफाई निरीक्षक, कर्मी और वीडियोग्राफर भी इस अभियान में शामिल रहेंगे।


अवैध व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई


आयुक्त ने कहा है कि जनहित में मुख्य सड़कों को अतिक्रमण मुक्त रखना अत्यंत आवश्यक है। सड़कों पर अवैध व्यावसायिक गतिविधियां करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आईजीआईएमएस, पीएमसीएच, एम्स आदि के आसपास अतिक्रमण न हो, ताकि मरीजों, डॉक्टरों और एंबुलेंस के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा न हो।


विशेष वाहन चेकिंग अभियान


इस अभियान के दौरान ट्रैफिक पुलिस द्वारा विशेष वाहन चेकिंग अभियान भी चलाया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यातायात सुचारू रूप से चलता रहे और किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।


पुलिस की भूमिका


प्रत्येक टीम में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, महिला बल, पुलिस बल और लाठी बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। पुलिस थाना प्रभारी अतिक्रमण हटाने का विवरण स्टेशन डायरी में भी अंकित करेंगे। अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान पुलिस का सहयोग महत्वपूर्ण होगा ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।


#### नियमित अभियान


आयुक्त ने निर्देश दिया है कि नेहरू पथ, खगौल कैनाल रोड, अटल पथ, चितकोहरा, गर्दनीबाग, बोरिंग रोड, कंकड़बाग, चिरैयाटांड़ पुल, बांकीपुर, कुम्हरार, बाइपास, अशोक राजपथ और पटना सिटी में नियमित रूप से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाए। खाली जगहों पर पौधारोपण किया जाएगा ताकि पर्यावरण को भी फायदा हो।


मॉनिटरिंग सेल


अतिक्रमण के खिलाफ इस विशेष अभियान की निगरानी के लिए पांच सदस्यीय मॉनिटरिंग सेल गठित की गई है। इसमें एडीएम लॉ एंड ऑर्डर, एसपी लॉ एंड ऑर्डर, ट्रैफिक एसपी, अपर नगर आयुक्त और सिटी मजिस्ट्रेट शामिल हैं। यह टीम अभियान की प्रगति की निगरानी करेगी और आवश्यकतानुसार सुधार के निर्देश देगी।


फॉलोअप टीम


अतिक्रमण हटाने के बाद यह सुनिश्चित करने के लिए कि दुबारा अतिक्रमण न हो, एक फॉलोअप टीम भी बनाई गई है। यह टीम नियमित रूप से उन स्थानों की निगरानी करेगी जहां से अतिक्रमण हटाया गया है।




यह विशेष अभियान पटना शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि शहर की सुंदरता और स्वच्छता भी बनी रहेगी। प्रमंडलीय आयुक्त कुमार रवि, डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह, और एसएसपी राजीव मिश्रा की इस पहल की सराहना की जानी चाहिए, जिससे पटना शहर को एक बेहतर और व्यवस्थित रूप मिल सके।

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