दरभंगा, बिहार में शराब जब्ती: अवैध शराब तस्करी की बढ़ती समस्या और कानून व्यवस्था पर सवाल

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दरभंगा, बिहार में हाल ही में हुई शराब जब्ती की घटना ने राज्य में अवैध शराब तस्करी की बढ़ती समस्या को एक बार फिर उजागर किया है। पुलिस और सीआईडी टीम ने सिलीगुड़ी से कुशेश्वरस्थान आने वाली एक बस से 114 कार्टन शराब जब्त की, जिसमें विदेशी शराब और बीयर की बड़ी मात्रा शामिल थी। इस घटना में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें बस चालक, कंडक्टर, और अन्य संदिग्ध तस्कर शामिल हैं।  यह घटना बिहार के उन कानूनों की विफलता को उजागर करती है जो राज्य में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद भी शराब तस्करी को रोकने में असफल हो रहे हैं। बिहार में शराबबंदी लागू है, लेकिन इस प्रकार की घटनाएं दिखाती हैं कि अवैध शराब का कारोबार अभी भी फल-फूल रहा है।  घटना का मुख्य कारण अवैध शराब की बढ़ती मांग और इसकी तस्करी में शामिल गिरोहों का सक्रिय होना है। इस बस में शराब को आइसक्रीम बनाने के सामान के तौर पर छिपाया गया था, ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके। पुलिस और सीआईडी की इस कार्रवाई ने तस्करों के इस प्रयास को नाकाम कर दिया, लेकिन यह एक बड़ा सवाल खड़ा करता है कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए और क्या कदम...

भजनलाल सरकार का बड़ा फैसला: घर में AC है तो लगाने होंगे 50 पौधे, मोटरसाइकिल-कार वालों को भी मिला टारगेट


राजस्थान सरकार ने एक अहम कदम उठाते हुए वृक्षारोपण को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत, जिन घरों में एयर कंडीशनर (AC) लगे हैं, उन्हें 50 पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। वहीं, मोटरसाइकिल और कार मालिकों को भी पौधे लगाने के टारगेट सौंपे गए हैं। यह फैसला राजस्थान में बढ़ते तापमान और पर्यावरण संकट को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।


वृक्षारोपण अभियान का लक्ष्य:


राजस्थान सरकार ने हरियाली तीज के अवसर पर 7 अगस्त को करोड़ों पौधे लगाने का संकल्प लिया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य के तापमान को नियंत्रित करना और पर्यावरण को हरा-भरा बनाना है। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने इस अभियान के तहत सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक पेड़ लगाएं।


शिक्षा विभाग और पंचायती राज विभाग का योगदान:


राज्य सरकार ने इस अभियान के लिए शिक्षा विभाग और पंचायती राज विभाग को सक्रिय भूमिका सौंपी है। विद्यालयों को इस योजना के लिए 37 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। हर विद्यालय को प्राथमिक स्तर पर 15 हजार रुपए, माध्यमिक स्तर पर 35 हजार रुपए और उच्चतर माध्यमिक स्तर पर 55 हजार रुपए दिए जाएंगे। इसके साथ ही, 200 पेड़ों की देखभाल के लिए एक नरेगा कर्मी नियुक्त किया जाएगा।


पेड़ लगाने की अनिवार्यता:


इस अभियान के तहत, सरकार ने अलग-अलग वर्गों के लिए पेड़ लगाने के लक्ष्य निर्धारित किए हैं:

- जिनके घरों में AC लगे हैं, उन्हें 50 पौधे लगाने होंगे।

- मोटरसाइकिल मालिकों को 5 पौधे लगाने होंगे।

- कार मालिकों को 10 पौधे लगाने होंगे।

- पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी के मालिकों को 300 पौधे लगाने होंगे।

- औद्योगिक इकाईयों में कर्मचारियों की संख्या के अनुसार पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है।


छात्रों और शिक्षकों की भूमिका:


सरकार ने छात्रों और शिक्षकों को भी इस अभियान में शामिल किया है। प्रत्येक स्कूली छात्र को अपने परिवार के सदस्यों की संख्या के अनुसार पौधे लगाने होंगे। तृतीय श्रेणी के शिक्षक 5 पौधे, द्वितीय श्रेणी के शिक्षक 10 पौधे और प्रथम श्रेणी के शिक्षक 15 पौधे लगाएंगे। 


तापमान में वृद्धि और उसके परिणाम:


राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि राजस्थान का तापमान 55 डिग्री तक पहुँच गया था। राज्य का तापमान 47 डिग्री से कम कहीं नहीं रहा। यह तापमान हमारे लिए खतरे की घंटी है और यह संकेत देता है कि अगर हम नहीं सुधरे तो मानवता का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। 


वृक्षों का महत्व:


मंत्री ने बताया कि एक पेड़ अपने जीवन काल में 4 से 5 करोड़ रुपए की ऑक्सीजन देता है और अपने आसपास के तापमान को 4 से 5 डिग्री तक कम करता है। विश्व के जिन 15 शहरों का तापमान सबसे अधिक है, उनमें 7 राजस्थान के हैं। इसलिए, पेड़ लगाना अत्यंत आवश्यक है।


जन आंदोलन बनाने की कोशिश:


राजस्थान सरकार ने इस अभियान को जन आंदोलन बनाने की कोशिश की है। सरकार ने साधु-संतों, एनजीओ, समाजसेवी संस्थाओं और व्यवसाइयों से अपील की है कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लें। इसके अलावा, सरकार ने व्यापक रूप से जागरूकता फैलाने के लिए 17 लोगों को ब्रांड एंबेसडर बनाया है।


भविष्य की योजनाएं:


राज्य सरकार ने भविष्य में भी वृक्षारोपण अभियान को जारी रखने का संकल्प लिया है। इस योजना के तहत, न केवल पेड़ लगाने पर जोर दिया जाएगा, बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण पर भी ध्यान दिया जाएगा। 



राजस्थान सरकार का यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल राज्य के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करेगा, बल्कि नागरिकों को भी पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाएगा। पेड़ लगाना केवल एक सरकारी अभियान नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह अपने पर्यावरण को सुरक्षित और हरा-भरा बनाए रखने में योगदान दे। इस प्रकार के कदमों से ही हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित कर सकते हैं।

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