दरभंगा, बिहार में शराब जब्ती: अवैध शराब तस्करी की बढ़ती समस्या और कानून व्यवस्था पर सवाल
घटना का विवरण
राजकिशोर कुमार, जो मणिपुर में भारतीय सेना में क्लर्क के पद पर तैनात हैं, चार-पांच दिन पहले छुट्टी पर अपने गांव आए थे। 2 अगस्त 2024 की रात को, वह अपनी कार से किसी काम से निकले थे। लोहियानगर ओवर ब्रिज के पास पहुंचते ही पुलिस ने उनकी कार को घेर लिया और तलाशी लेने को कहा।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
बेगूसराय पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री लेकर एक व्यक्ति कार से जा रहा है। सूचना के आधार पर लोहियानगर थाना की पुलिस ने ओवर ब्रिज के पास राजकिशोर की कार को रोक लिया। पुलिस को देखते ही दो अन्य व्यक्ति मौके से भागने में सफल रहे, लेकिन राजकिशोर पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
बरामद विस्फोटक सामग्री
पुलिस ने जब राजकिशोर की कार की तलाशी ली तो उसमें से 75 डेटोनेटर और 90 अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। यह सामग्री मकान गिराने और लैंड माइंस लगाने में उपयोगी होती है। इस बरामदगी के बाद पुलिस ने राजकिशोर को गिरफ्तार कर लिया और उसे थाने ले जाकर पूछताछ शुरू की।
राजकिशोर का बयान
राजकिशोर कुमार ने पुलिस को बताया कि वह पिछले डेढ़ वर्ष से भारतीय सेना में सेवा कर रहे हैं और मणिपुर में तैनात हैं। छुट्टी पर घर आने के बाद वह अपने गांव में ही रह रहे थे। विस्फोटक सामग्री के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कोई ठोस जवाब नहीं दिया, जिससे पुलिस को संदेह हुआ कि वह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकते हैं।
पुलिस की जांच
बेगूसराय के पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि राजकिशोर इन विस्फोटकों को कहां ले जा रहे थे और उनका उद्देश्य क्या था।
अन्य संदिग्धों की तलाश
पुलिस ने इस मामले में उन दो व्यक्तियों की तलाश शुरू कर दी है जो पुलिस को देखकर भाग निकले थे। पुलिस को शक है कि ये दोनों व्यक्ति भी इस साजिश में शामिल हो सकते हैं। इसके लिए पुलिस ने आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान तेज कर दिया है और गुप्तचरों को भी सक्रिय कर दिया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
घटना के बाद खोरमपुर गांव और आसपास के इलाकों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि राजकिशोर कुमार को देखकर कभी नहीं लगा कि वह इस तरह की गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। गांव के कुछ लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि दोषियों को सख्त सजा मिलेगी।
सेना की प्रतिक्रिया
भारतीय सेना ने इस घटना पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, सेना के कुछ अधिकारियों ने बताया कि यदि राजकिशोर कुमार पर लगे आरोप सही साबित होते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सेना अपने जवानों की सख्त निगरानी करती है और किसी भी तरह की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं करती।
बेगूसराय में सेना के जवान की गिरफ्तारी और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री की बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस बरामदगी ने एक बड़ी साजिश को बेनकाब किया है। अब सभी की नजरें पुलिस की जांच और सेना की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं, जो इस मामले को और भी स्पष्ट करेगी। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सुरक्षा और सतर्कता किसी भी स्थिति में बेहद महत्वपूर्ण हैं।
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