दरभंगा, बिहार में शराब जब्ती: अवैध शराब तस्करी की बढ़ती समस्या और कानून व्यवस्था पर सवाल
1 अगस्त 2024 को महाराष्ट्र के कराड में एक भयानक घटना घटी जिसमें बिहार के मुजफ्फरपुर की रहने वाली 21 वर्षीय मेडिकल छात्रा अरुषि मिश्रा की मौत हो गई। यह घटना कराड के मलकापुर इलाके के एक रिहायशी इमारत में हुई, जहां अरुषि को उसके मित्र ध्रुव चिक्का ने तीसरी मंजिल से धक्का देकर मार दिया।
घटना का विवरण
अरुषि मिश्रा और ध्रुव चिक्का दोनों ही कराड स्थित कृष्णा विश्व विद्यालय में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे थे। दोनों के बीच पिछले दो सालों से प्रेम संबंध था, लेकिन हाल के दिनों में उनके संबंधों में खटास आ गई थी। 30 जून 2024 की रात, अरुषि और ध्रुव के बीच किसी बात पर गरमागरमी हुई, जिसके बाद ध्रुव ने गुस्से में आकर अरुषि को इमारत से धक्का दे दिया।
पुलिस की कार्यवाही
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने ध्रुव चिक्का को तुरंत गिरफ्तार कर लिया और उस पर हत्या का मामला दर्ज किया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दोनों के बीच लगातार विवाद होते रहते थे और उस रात भी इसी तरह का एक विवाद हुआ था।
अरुषि का परिवार
अरुषि मिश्रा के परिवार को जब इस हादसे की जानकारी मिली, तो उनके घर में मातम पसर गया। अरुषि के माता-पिता ने इस घटना को लेकर ध्रुव पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है। उनके अनुसार, अरुषि एक होनहार छात्रा थी और उसने अपने जीवन में कभी किसी से झगड़ा नहीं किया था।
समाज की प्रतिक्रिया
इस दर्दनाक घटना के बाद समाज में काफी रोष है। सोशल मीडिया पर लोग ध्रुव चिक्का की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं और अरुषि के लिए न्याय की गुहार लगा रहे हैं। विभिन्न छात्र संगठनों और महिला अधिकार संगठनों ने भी इस घटना की निंदा की है और अरुषि के परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।
न्याय की मांग
अरुषि के परिवार और दोस्तों ने न्याय की मांग को लेकर स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई है। उनका कहना है कि ध्रुव चिक्का को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। पुलिस ने भी आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी को कानून के तहत सजा दिलाई जाएगी।
अरुषि मिश्रा की मृत्यु ने एक बार फिर से समाज को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना न केवल एक युवा छात्रा की जान ले ली, बल्कि हमारे समाज में बढ़ते हुए क्रोध और असहिष्णुता के खतरनाक स्तर को भी उजागर किया है। अब यह जिम्मेदारी प्रशासन और समाज दोनों की है कि वे इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं और दोषियों को सजा दिलाएं। अरुषि के परिवार को न्याय मिल सके और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके, इसके लिए हम सभी को एकजुट होकर प्रयास करना होगा।
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